सभी सेक्टर्स के लिए बहुत जल्द राहत पैकेज लेकर आ रही है सरकार : गडकरी

नई दिल्ली, सरकार ने केवल सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों बल्कि अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों के लिए पैकेज पर काम कर रही है। सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव गिरिधर अरमाने ने गुरुवार को यह जानकारी दी। अरमाने ने सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स इंस्टिट्यूट के सदस्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चर्चा के दौरान कहा कि अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों के लिए व्यापक पैकेज दिया जाएगा। सरकार इस पर काम कर रही है। इसी बैठक  केंद्रीय एमएसएमई और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पैकेज की घोषणा जल्द की जाएगी। अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए विभिन्न हलकों से पैकेज की मांग उठ रही है।
विकास में एमएसएमई का योगदान 29 फीसदी- विभिन्न उद्योग संगठन और एमएसएमई क्षेत्र विशेषज्ञ पैकेज की मांग कर रहे हैं। एमएसएमई क्षेत्र का देश की वृद्धि में 29 प्रतिशत और निर्यात में 48 प्रतिशत का हिस्सा है। यह क्षेत्र रोजगार देने में भी काफी आगे है। हालांकि, कोरोना वायरस की वजह से यह क्षेत्र गंभीर संकट से जूझ रहा है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में नौकरियों में कटौती की भी आशंका है।
भारत अपना निर्यात 190 अरब डॉलर तक बढ़ा सकता है- एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में तैयार उत्पादों के मुकाबले भारतीय उत्पादों की बेहतर स्थिति का लाभ उठाने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिये सरकार को एमएसएमई को प्रत्यक्ष बढ़ावा देने की जरूरत है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की गुरुवार को जारी इकोरैप रिपोर्ट के अनुसार, यदि भारत अपनी क्षमताओं का निर्माण करता है और चीन की बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा करता है, तो भी सबसे कम अनुकूल स्थिति में निर्यात में 20 अरब डॉलर से लेकर 193 अरब डॉलर तक की उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की जा सकती है।
भारत बढ़ा सकता है कैपिटल गुड्स का निर्यात- रिपोर्ट के अनुसार, जहां तक कैपिटल गुड्स के निर्यात का सवाल है, भारत का इस मामले में तुलनात्मक लाभ चीन के मुकाबले कम है, लेकिन इसके बावजूद भी भारत इस अवसर का लाभ अपने कैपिटल गुड्स के निर्यात को बढ़ाने में कर सकता है। हालांकि, अभी बड़ा अवसर उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में है, जिसमें भारत का तुलनात्मक लाभ यानी आरसीए चीन से अधिक है।