प्रयागराज। एक ओर पूरा देश कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न हुई महामारी के सकते में है जिसके कारण केन्द्र और प्रदेश सरकार के साथ-साथ आम-जनमानस की तमाम गतिविधियों पर रोक लगाई गयी है ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण में लॉकडाउन के बाद भी उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानें खोलने के प्रकरण पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सरकार को नोटिस जारी कर 12 मई तक जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 12 मई को होगी।
प्रयागराज हाईकोर्ट ने प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण में भी शराब की दुकानें खोलने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर नोटिस जारी की है और राज्य सरकार से याचिका में उठाये गए बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। याचिका की सुनवाई 12 मई को होगी। अधिवक्ता सुनील चैधरी की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को यह आदेश मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने दिया है। याचिका में कोरोना महामारी के चलते लाक डाउन में शराब की दुकानें खोलने को आत्मघाती करार देते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की गयी है।
याची का कहना है कि यदि आथर््िाक कारणों से शराब विक्री जरूरी हो इसे आन-लाइन, होम डिलीवरी सिस्टम से बेचा जाय। हाल के दिनों में शराब की दुकानों पर भारी भीड़ ने लाक डाउन के नियमों की धज्जियां उड़ा दी हैं। जिससे महामारी फैलने की आशंका व्याप्त हो गयी है। जिसे लेकर यह जनहित याचिका दाखिल की गई है।
शराब की दुकानें खोलने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस, मांगा जवाब